Monday, June 6, 2011

विद्रोह ..


जब सीधी उंगली से घी न निकले तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है , यही रवैया अब कांग्रेस के साथ अपनाना होगा.
अब तक सामने आए भ्रष्टाचार, घोटाले आदि के सभी मामलों में कांग्रेसी नेताओं का हाथ होना इसी बात को दर्शाता है की ,कांग्रेस की सरकार बनी है तो देश को बर्बाद करने के लिए.
बाबा रामदेव, अन्ना हजारे आदि अगर देश के संरक्षक बनकर आगे आते है तो कांग्रेसी सरकार उनकी मांगों का दमन करने और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए अपने ही देश में आतंक फ़ैलाने से नही चूकती .
जी हाँ ! इस तरह भरी जनसभा में लाठियां बरसाना ,आग लगाना ,निहत्थी जनता पर आंसू गैस के गोले दागना क्या किसी आतंक से कम है !
आज सोनिया गाँधी ने ओसामा-बिन- लादेन जैसे खूंखार आतंकवादी की जगह ले ली है ,जो अपने ही देश में आग लगा रही है .लेकिन यह कहना भी ठीक होगा कि इन नेताओं से तो वे आतंकवादी ही अच्छे है क्यूंकि कम से कम आम जनता को उनसे कोई भलाई कि उम्मीद तो नही होती और कम से कम वो अपने घर में तो आग नही लगाते.
अगर अपनी मांगो को मनवाने के लिए जनता शांतिपूर्वक रवैया अपनाती है और इस पर सरकार लाठियां बरसाती है तो अब ये शांतिपूर्वक रवैया छोड़ना होगा .
भगवान राम ने भी लंका पर चढ़ाई करने के लिए मार्ग के लिए समुद्र से तीन दिन तक प्रार्थना की थी, परन्तु जब इस पर भी समुद्र राज़ी न हुआ तो भगवान ने अपने क्रोध और बाणों का उपयोग किया जिससे घबराकर समुद्र उनके चरणों में आ गिरा और मार्ग दे दिया .
इसी तरह राम के इस देश में यदि राक्षस स्वरुप सरकार पनप रही है तो उसे अपने आक्रोश से कुचलना ही बेहतर विकल्प है .और जिस तरह सरकार अपनी ही जनता पर आग बरसाने से नही घबराती उसी तरह उसी तरह ऐसे राजा के ठिकानो पर ही आग लगा देनी चहिये,उतार फेकना चहिये उस राजा को गद्दी से जिसका न तो स्वयं कोई स्वाभिमान है और ना ही व प्रजा के स्वाभिमान की रक्षा कर सकता है....